रविवार, 15 फ़रवरी 2026

स्वयं का बोध 💐💐💐

स्वयं का बोध: -
जीवन बाहरी उपलब्धियों की दौड़ नहीं, बल्कि अपने अंतर्मन की खोज है। हम अक्सर दुनिया के शोर में खो जाते हैं, जबकि असली सत्य हमारे भीतर के सन्नाटे और शून्य में छिपा है। खुद को जानना ही सबसे बड़ा ज्ञान है।

परिवर्तन और संघर्ष: -
संसार का नियम बदलाव है। दुख और चुनौतियाँ हमें तोड़ने के लिए नहीं, बल्कि हमारे अहंकार को मिटाकर हमें माँजने के लिए आती हैं। जैसे आग सोने को शुद्ध करती है, संघर्ष हमारी चेतना को जगाता है।

वर्तमान ही सत्य: -
बीता हुआ कल एक स्मृति है और आने वाला कल एक भ्रम। सत्य केवल 'अभी' के इस पल में है। जीवन को सुलझाने की कोशिश छोड़कर, उसे पूरी जीवंतता के साथ महसूस करना ही सच्ची मुक्ति और आनंद है।

💐💐💐

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

स्वयं का बोध 💐💐💐

स्वयं का बोध: - जीवन बाहरी उपलब्धियों की दौड़ नहीं, बल्कि अपने अंतर्मन की खोज है। हम अक्सर दुनिया के शोर में खो जाते हैं, जबकि असली सत्य हमा...