गुरुवार, 1 अगस्त 2019

बड़े लक्ष्य...💐

बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के मार्ग में अनेकों बाधाएं आती हैं, अनेकों मुश्किलें आती हैं। लेकिन जब लक्ष्य प्राप्ति का उद्देश्य जनकल्याण, अहिंसा, नैतिकता पर आधारित हो तो वह मार्ग और भी कठिन होता है, काँटों भरा होता है। 

हमें उन पर गर्व है जो ऐसे बड़े लक्ष्य की प्राप्ति की राह में अकेले ही चल पड़े हैं। आज सारी कायनात अपेक्षा की नजरों से उन्हें देख रहा है, लोग टकटकी लगाए बैठे हैं, उनका हर पग इतिहास रच रहा है। उनकी राह में अपार जनसमूह की मंगल कामनाएं अपने आप जुड़ी हुई हैं।

उनकी राह में श्रद्धा का एक फूल सादर अर्पित...

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कट्टरता...💐

जाति, सम्प्रदाय और राजनीति बड़ा दलदल है। अच्छे और नेक लोग भी इस दलदल में कभी न कभी घिर जाते हैं। वैचारिक कट्टरता, साम्प्रदायिक कट्टरता, जातिगत मतभेद, राजनीतिक लोलुपता से आम आदमी त्रस्त रहता है, जो दो वक्त की रोटी, सुकून और शान्ति पसंद हैं।

सोशल मीडिया वैचारिक आदान प्रदान का सबसे पावरफुल माध्यम है। लेकिन कुछ संकुचित विचार वाले लोग सोशल मीडिया जैसे आम पहुंच के माध्यम को भी जाति, सम्प्रदाय और राजनीति का अखाड़ा बना देते हैं।

एक वर्ग जिन्हें बुद्धिजीवी कहते हैं अपने ही विचारों को पोषित करने में लगे रहते हैं। समाज के नासूर और घाव को कुरेदते रहते हैं, अपने तर्कों से सामाजिक बुराइयों को और ताजा बनाए रखते हैं।

जातिवाद, सम्प्रदायवाद, राजनीति के धुरंधर खिलाड़ी और ठेकेदार जैसे कुछ चेहरे आम आदमी को अपनी मर्जी से जिधर चाहें उधर हाँकते रहते हैं। कोई आदमी को ये नहीं पूछता की भैया तुम क्या चाहते हो।

स्वयं का बोध 💐💐💐

स्वयं का बोध: - जीवन बाहरी उपलब्धियों की दौड़ नहीं, बल्कि अपने अंतर्मन की खोज है। हम अक्सर दुनिया के शोर में खो जाते हैं, जबकि असली सत्य हमा...