सोमवार, 21 अक्टूबर 2019

साहब से मोहब्बत कर लो...💐

उसे छोड़ दो और साहब से उतनी ही मोहब्बत कर लो। उस चेहरे की जगह साहब के अनुपम रूप को दिल में उतर जाने दो। जिस तरह उसके लिए रात रात भर जागे, उससे मिलने के लिए दुआएं मांगी, अनगिनत सपने सजाए। उसी तरह साहब के लिए तड़प उठो, साहब के लिए जीवन मे पागलपन छा जाने दो, जीवन का कतरा कतरा उनकी याद में महक जाने दो, साहब के लिए पल पल फूँक डालो, जिंदगी फूँक डालो। 

यकीन मानो, निराश नहीं होओगे, फिर से जी उठोगे। ये जीवन फूलों की पगडंडियों से होकर गुजरेगी, लहकते हरी वादियों से गुजरेगी, जहां भी जाओगे साहब की दिव्य और भीनी सुवास चहुँ ओर पाओगे।

मोहब्बत ही करनी है, प्रेम ही करनी है तो धनी धर्मदास साहब और आमीन माता साहिबा की तरह कर लो, जिन्होंने सदगुरु कबीर से अनुपम और अलौकिक प्रेम किया। उस प्रेम में दिव्यता है, पवित्रता है, अध्यात्म की ऊंचाई है, परमात्मा का बोध है, जीवन की सार्थकता है।


अधूरी कहानी 💕

💕 कुछ प्रेम कहानियाँ गलतियों से नहीं टूटतीं, वे बस समय, परिस्थितियों और अधूरे भाग्य के बीच कहीं खो जाती हैं। मेरा प्रेम भी वैसा ही था। न उस...