गुरुवार, 15 अगस्त 2019

... छोड़ दो💐

पिताजी कहते हैं सुबह चार बजे बिस्तर छोड़ दो, घरवाली कहती है घर मे रुपए छोड़ दो, दोस्त लोग कहते हैं गर्ल फ्रेंड छोड़ दो, स्नेही लोग कहते हैं चाय छोड़ दो, संत लोग कहते हैं लोभ मोह माया छोड़ दो...!

कुछ छोड़ने की जरूरत ही क्यों है यार। घोर कलयुग में पैदा हुआ हूँ, मैं तो कहता हूं सबकुछ पा लो। धन पा लो, पद पा लो, लोभ मोह माया के साथ मुक्ति भी पा लो।

एक ही अवसर है, एक ही जीवन है। राह में जो सरलता और सहजता से मिले स्वीकार कर लो।

अधूरी कहानी 💕

💕 कुछ प्रेम कहानियाँ गलतियों से नहीं टूटतीं, वे बस समय, परिस्थितियों और अधूरे भाग्य के बीच कहीं खो जाती हैं। मेरा प्रेम भी वैसा ही था। न उस...