गुरुवार, 4 जुलाई 2019

साहब के आगमन की तैयारी...💐

हर किसी का सपना होता है कि जीते-जी इसी जीवन में अपने आंगन में भी कम से कम एक बार साहब के चरण अवश्य पड़े। दो मिनट के लिए ही सही, लेकिन वो अद्भुत पल जीवन में आए, अपने घर में साहब के चरण पखारने का सौभाग्य मिले, साहब से प्रसाद ग्रहण करने का सौभाग्य मिले। हम पति-पत्नी भी सपना सँजोए उस घड़ी की बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे हैं।

अक्सर रात में लेटे लेटे हम बातें करते हैं, अनेकों सपने देखते हैं, कल्पना करते हैं कि अगर साहब ने हमारा निवेदन स्वीकार कर लिया और हमारी झोपड़ी में सच में आ गए तो उनका स्वागत कैसे करेंगे, उनका आसन कहाँ लगाएंगे, उनके लिए खाने में क्या बनाएंगे? वो चाय पीना पसंद करेंगे या कॉफी या नीबू पानी? उन्हें सादी दाल पसंद आएगी या फ्राई दाल? क्या उन्हें खीर पसंद आएगी? कभी सोचते हैं उनके लिए आलू जीरा बनाएंगे, तो कभी सोचते हैं गोभी की सब्जी बनाएंगे।

फिर सोचते हैं कि किराए का एक कमरे का घर है, घर की दीवार भी गीली हो गई है। गद्दे, चादर, पलंग पुराने हो चुके हैं, कुर्सी भी टूटी हुई है, परिस्थिति बड़ी दयनीय और विचित्र है। उनके कपड़े खराब हो जाएंगे, उनके पैरों में कीचड़ लग जाएंगे। ऐसे में उन्हें घर आने का अनुरोध कैसे करें, बड़ी लाज आती है, निराश हो जाते हैं।

अक्सर हम पति-पत्नी साहब के आने की प्रतीक्षा में, उनके आगमन और स्वागत की तैयारियों के विषय में ढेरों सपने सँजोए लेटे लेटे यूँ ही बातें किया करते हैं। इन बातों में पूरी रात गुजर जाती है, लेकिन साहब के आने की तैयारी हमेशा अधूरी ही रह जाती है। तैयारियों में कुछ न कुछ कमी रह ही जाती है...।

मेरी तन्हाई 💐💐💐

तन्हाई केवल एक एहसास नहीं, बल्कि एक ऐसी गहरी दुनिया है जहाँ कोई और नहीं, बस आप और आपकी सोच होती है। यह एक खाली कमरा नहीं, बल्कि एक भरी हुई क...